मलकुल आरिफ़ीन, शहंशाहे विलायत, क़ुत्बे वहदत, ज़िंदा शाह मदार हज़रत सय्यदना सय्यद बदीउद्दीन शैख़ अहमद मदारुल आलमीन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के उर्से पाक का इफ़्तिताह (शुरुआत) 6 जमादिल मदार को रस्मे गुलपोशी से होता है।
हर साल की तरह इस साल भी उर्से पाक का आग़ाज़ 6 जमादिल अव्वल मुताबिक़ 1448 हिजरी मुताबिक़ 18 अक्टुबर बरोज़ इतवार 2026 को होने जा रहा है, उर्से पाक की इस इफ़्तिताही तक़रीब में, मुल्क के मुख़्तलिफ़ हिस्सों से आने वाले ज़ाइरीन की तादाद हज़ारों में होती है। यह तक़रीब हुज़ूर मदारे पाक की दरगाह, दरगाहे मुअल्ला, फ़िरदौसे आशिक़ाँ, दारुन नूर मकनपुर शरीफ़ में होती है।
इस साल भी बफ़ज़्लिहि तआला ख़ादिमान, आशिक़ान, तालिबान, दीवानगान, मुहिब्बान, अ़क़ीदतमंदाने क़ुत्बुल मदार, जौक़ दर जौक़ हाज़िरे आस्तानए क़ुत्बुल मदार होने का शरफ़ हासिल करेंगे और संदलों, इत्रपाशियों, गुलपोशी का नूरानी मंज़र देखेंगे जो कि इस तक़रीब के लिए मुक़र्रर व मख़्सूस ख़ुद्दामे आस्ताना के ज़रिए इंशाअल्लाह तआला ब-हुस्ने ख़ूबी अंजाम पज़ीर होगा।
नोट:- इस तक़रीब का आग़ाज़ सुबह फ़ज्र की नमाज़ के बाद से ही हो जाता है।
आप तमाम ही हज़रात इस नूरानी दर-ए-अक़दस के, इस नूरानी मंज़र में ज़रूर शिरकत करें।
गुलपोशी के बारे में मज़ीद मालूमात के लिए हमारी इस पोस्ट को पढ़िए: 👇👇👇










