आज दिनांक 29 ज़िलहिज्जा 1447 हिजरी मुताबिक 16 जून 2026, ब-रोज़ मंगलवार, रुइयत-ए-हिलाल कमेटी जमीयत उलेमा-ए-मदारिया अल-हिंद की मजलिस-ए-मशावरत आयोजित हुई और नमाज़-ए-मग़रिब के बाद चाँद देखने का एहतिमाम किया गया। बहम्दिल्लाह, माह-ए-मुहर्रमुल हराम का चाँद नज़र आ गया है, तथा मुल्क के मुख्तलिफ़ इलाक़ों की रुइयत-ए-हिलाल कमेटियों के ज़िम्मेदारान से भी रूयत की इत्तिला मौसूल हो गई है।
इसलिए रुइयत-ए-हिलाल कमेटी जमीयत उलेमा-ए-मदारिया अल-हिंद, ख़ुसूसन हज़रत अल्लामा मुफ़्ती मुहम्मद इसराफ़ील हैदरी मदारी, मुफ़्ती सैय्यद निसार हुसैन मदारी, मौलाना मुहम्मद सैय्यद तौसीक मुनसिफ़ जाफ़री, मौलाना मुफ़्ती सैय्यद मुनव्वर अली हुसैनी, मौलाना मुफ़्ती हबीबुर्रहमान अलवी मंज़री, मौलाना मुफ़्ती सैय्यद मुहम्मद इंतिसाब हुसैन क़ादरी अशरफ़ी मदारी, मौलाना मुफ़्ती ख़ुशनूद ख़ान मदारी, मौलाना सद्दाम मदारी, मौलाना फ़रीद अहमद मदारी, मुफ़्ती काशिफ़ सईद मदारी, सैय्यद मेराज मियाँ साहब क़िब्ला एवं कुल जमीयत उलेमा-ए-मदारिया अल-हिंद यह फ़ैसला करती है कि कल दिनांक 17 जून 2026, ब-रोज़ बुधवार, माह-ए-मुहर्रमुल हराम 1448 हिजरी की पहली (1) तारीख़ है।
लिहाज़ा तमाम आशिक़ान-ए-अहलेबैत से अपील की जाती है कि अय्याम-ए-मुहर्रमुल हराम में अज़ादारी-ए-सय्यदुश्शुहदा हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के मामूलात व रसूमात को अकीदत व एहतराम के साथ अदा करें, मजालिस-ए-अज़ा, फ़ज़ाइल-ए-अहलेबैत और ज़िक्र-ए-कर्बला का ख़ुसूसी एहतिमाम करें तथा शुहदा-ए-कर्बला की अज़ीम कुर्बानियों से हक़गोई, सब्र और दीन पर इस्तिक़ामत का सबक़ हासिल करें।






